जनगणना 2027: भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना

जनगणना 2027: भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना

2027 की जनगणना भारत की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय गतिविधियों में से एक बनने जा रही है, जो जनसंख्या से संबंधित आंकड़ों के संग्रह और प्रसंस्करण की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव लाएगी।

Census 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा संग्रह और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जनगणना की निगरानी की जाएगी इसमें डेटा की सुरक्षा, तेजी से डेटा प्रोसेसिंग, स्व-गणना (Self-Enumeration) और अधिकृत डेटा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।

जनगणना क्या है?

जनगणना किसी देश या किसी निश्चित क्षेत्र में रहने वाली आबादी से संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से प्राप्त करने, एकत्र करने, संकलित करने, विश्लेषण करने और प्रकाशित करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है।

इसके माध्यम से जनसांख्यिकीय (Demographic), सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विशेषताओं से संबंधित सटीक जानकारी प्राप्त होती है। सरकार, प्रशासन, शोधकर्ताओं, योजनाकारों और अन्य संस्थाओं द्वारा जनगणना के आंकड़ों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

ये आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास, कल्याणकारी योजनाओं और संसाधनों के वितरण से जुड़े निर्णय लेने में सीधे मदद करते हैं।

स्वतंत्रता के बाद जनगणना

स्वतंत्रता के बाद से यह पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के तहत संचालित होती आ रही है।

संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत जनगणना एक केंद्रीय विषय है और इसे संघ सूची की प्रविष्टि संख्या 69 में शामिल किया गया है।

जनगणना 2027 के मुख्य बिंदु

16 जून 2007 को भारत सरकार के राजपत्र में वर्ष 2007 की जनगणना आयोजित करने के निर्णय की आधिकारिक घोषणा की गई।

इस विशाल कार्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11,718.24 करोड़ रुपये के वित्तीय बजट को मंजूरी दी।

जनगणना 2007 के मस्कट

2007 की जनगणना के दो मस्कट हैं—महिला गणनाकर्मी का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रगति और पुरुष गणनाकर्मी का प्रतिनिधित्व करने वाले विकास।

इन दोनों को आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने और जनगणना के लिए एक दोस्ताना एवं सकारात्मक अभियान का प्रतीक बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

ये दोनों मस्कट देश के निर्माण में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी को दर्शाते हैं और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दृष्टि को भी प्रतिबिंबित करते हैं।

जनगणना 2027 की प्रमुख विशेषताएं

1. जाति आधारित गणना

2027 की जनगणना की प्रमुख विशेषताओं में से एक व्यापक जाति आधारित गणना है। इसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अलावा सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित जातिगत आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे।

1931 के बाद से दशकीय जनगणना में इस तरह के व्यापक जातिगत आंकड़े एकत्र नहीं किए गए हैं। इसलिए 2007 की यह जनगणना सामाजिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों के संग्रह के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाली होगी।

2. भारत की पहली डिजिटल जनगणना

2027 की जनगणना भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल आधारित जनगणना होने जा रही है।

पारंपरिक कागज और कलम पर निर्भर रहने के बजाय, गणनाकर्मी डेटा एकत्र करने और उसे सर्वर पर भेजने के लिए विशेष डिजिटल मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करेंगे।

3. तेज डेटा प्रोसेसिंग

तकनीक के व्यापक इस्तेमाल से कागज का उपयोग कम होगा और हाथ से लिखकर डेटा तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया की जगह डिजिटल प्रणाली काम को अधिक आसान और तेज बनाएगी।

इसका मुख्य उद्देश्य कम से कम समय में जनगणना के परिणाम प्रकाशित करना और डेटा विजुअलाइजेशन के लिए अधिक उपयोगी टूल उपलब्ध कराना है।

4. दो चरणों में जनगणना

2027 की जनगणना मुख्य रूप से दो प्रमुख चरणों में आयोजित की जाएगी।

पहला चरण: गृह सूचीकरण या आवास गणना

Houselisting and Housing Census:

इस चरण में घरों और आवास की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और संपत्ति से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।

प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपनी सुविधा के अनुसार निर्धारित 30 दिनों की अवधि में यह प्रक्रिया पूरी करेगा।

दूसरा चरण: Population Enumeration:

दूसरे चरण में मुख्य रूप से फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी।

इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और आवास से संबंधित विभिन्न विशेषताओं की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।

5. चार प्रमुख डिजिटल टूल

2027 की जनगणना में मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

1. House Listing Block Creator (HLBC) Web Application

सैटेलाइट इमेज के माध्यम से क्षेत्रों की सही पहचान करते हुए डिजिटल रूप से सटीक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक तैयार करने के लिए अधिकारी इस वेब मैप एप्लिकेशन का इस्तेमाल करेंगे।

2. HLO Mobile Application

डेटा एकत्र करने और उसे अपलोड करने के लिए गणनाकर्मी इस सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे।

यह एप्लिकेशन Android और iOS, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा और इसे 16 क्षेत्रीय भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

3. स्व-गणना (Self-Enumeration) Portal

देश के इतिहास में पहली बार आम नागरिक गणनाकर्मियों के घर आने से पहले अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन स्वयं भर सकेंगे।

इस पोर्टल को 16 भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नागरिकों के लिए अपनी जानकारी देना आसान होगा।

4. जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CNS Portal)

यह पूरी जनगणना प्रक्रिया की योजना, निगरानी और संचालन के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा।

महकमा, जिला और राज्य स्तर के प्रशासनिक अधिकारी डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से जनगणना के काम की प्रगति और प्रक्रियागत तैयारियों को सीधे ट्रैक कर सकेंगे।

निष्कर्ष

2027 की जनगणना पारंपरिक कागज आधारित गणना प्रणाली से आगे बढ़कर तकनीक-संचालित, सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल व्यवस्था की दिशा में भारत का एक बड़ा कदम है।

डिजिटल तकनीक, स्व-गणना और सुरक्षित डेटा प्रबंधन के इस्तेमाल से जनगणना की पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।

https://www.pib.gov.in

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